बुधवार, 24 मार्च 2021

गीत 21

 एक गीत : मैं प्यार माँगता हूँ......


मैं प्यार माँगता हूँ ,अधिकार माँगता हूँ !

जीवन के इस सफ़र में
श्वासों के इस भँवर में

टूटे हुए सपन का श्रृंगार माँगता हूँ
मैं प्यार माँगता हूँ........

आदर्श के सहारे
लूटी गईं बहारें

उजड़ी हुई गली का गुलजार माँगता हूँ
मैं प्यार माँगता हूँ........

दे दो कदम सहारा
क्यों कर लिया किनारा

अनजान ग़लतियों को स्वीकार मानता हूँ
मैं प्यार माँगता हूँ........

यादों को साथ लेकर
स्वप्निल बरात लेकर

मधुयामिनी मिलन का उपहार माँगता हूँ
मैं प्यार माँगता हूँ........

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