शुक्रवार, 26 मार्च 2021

माहिया 36

 क़िस्त 36

:1:

दुनिया को दिखाना क्या !

दिल न मिलाना तो

फिर हाथ मिलाना क्या !

 

 :2:

कुछ तुम को ख़बर भी है?

मेरे भी दिल में

इक शौक़--नज़र 1 भी है।

 

 :3:

गुरबत में हो जब दिल,

दर्द कहूँ किस से

कहना भी है मुश्किल।

 

 :4;

अनबन हो भले जानम,

तुम पे भरोसा है

रूठो न करो, हमदम !

 

5
कहता है कहने दो,

ज़ाहिद की बातें

 ज़ाहिद तक रहने दो।

 

 

1 प्रेम भरी दृष्टि

 

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