शुक्रवार, 26 मार्च 2021

माहिया 61

 क़िस्त 61

 

:1:

गुलशन की हवाओं में,

ज़ह्र भरा किसने,

हर बार चुनावों में?

 

:2:

दर्या, परबत, झरना,

चाँद, सितारे सब

ये किसकी हैं रचना?

 

:3:

कलियाँ सकुची सहमी,

चश्म-ए-बद1  किसकी

आकर इन पर ठहरी?

 

:4:

जितनी है तपिश बाहर,

प्रेम अगन की क्या

उतनी ही तपिश अन्दर?

 

;5:

दिल मेरा फ़क़ीराना,

छोड़ तेरा अब दर,

जाना तो किधर जाना?

 

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