शुक्रवार, 26 मार्च 2021

माहिया 69

 क़िस्त 69

 

1

उस पार सँवरिया है,

जाऊँ मैं कैसे?

कोरी न चुनरिया है।

 

2

ऎ मेरे दिल-ए-नादाँ !

उन बिन जीना क्या

लगता है तुम्हें आसाँ?

 

3

लौ उनकी जगी मन में,

अक्स 1 नज़र आया,

उनका ही कन कन में।

 

4

सुख की करते आशा,

राम तो हैं मुख में,

पर सोच करमनाशा।

 

5

जब तक ज़िन्दा ईमां,

इंसाँ के अन्दर,

तब तक ज़िन्दा इन्साँ।

 

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