शुक्रवार, 26 मार्च 2021

माहिया 82

 क़िस्त 82


1
कलियों में है हलचल, 
लहराया तुम ने
जब से अपना आँचल।


2
मुझको तो भुला दोगे.
पर मेरी यादें,
तुम कैसे मिटा दोगे?


3
कैसे है शरमाना, 
तुम से ही सीखा,
कलियों ने इतराना।


4
नैनों में बसे कोई,
प्यार नहीं सच्चा,
जब दिल को रचे कोई।


5

गिन गिन कर रातें की,

तनहाई में दिल,

तसवीर से बातें की।

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