शुक्रवार, 2 अप्रैल 2021

अनुभूतियाँ 33

 1
कौन नई सी बात हुई है
सबके साथ यही होता है
कोई पा जाता है मंज़िल
कोई आजीवन रोता है

 2
झूठ हो चाहे जितना सुन्दर
झूठ के होते पाँव नहीं हैं
सच तो चलता रहे निरन्तर
सच की राह में छाँव नहीं हैं

 3
दोनों राह तुम्हारे आगे
बोलो तुम किस राह चलोगी?
सच की राह बहुत लम्बी है
झूठ की राह पे हाथ मलोगी

 4
प्रश्न यही सौ बार उठा है
धागा किसने तोड़ा पहले
इतने दिन तक साथ चले थे
नाता किसने छॊड़ा पहले

-आनन्द.पाठक-

 

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